Monday, August 3, 2026

Impromptu

 घड़ी के कांटे भी हर घंटे मिलते हैं

दोस्त हैं पर कभी कभी ही मिलते हैं

पर जब भी मिलते हैं लगता है जैसे

 सारे फ़ासले पल भर में सिमटते हैं


#friendshipday

Saturday, July 25, 2026

Imptompu

 जो बदले वो हालात,जो न बदले वो जज़्बात

सत्य को स्वीकारना ही असल में है निज़ात 

Friday, July 10, 2026

यादों की डायरी



यादों की डायरी कुछ यूँ सजा डाली है

 लम्हों और यादों की लड़ी बना डाली है


हर पन्ने पर एक मुस्कान बिठा रखी है

हर कोने में एक दास्ताँ छुपा रखी है


कुछ पल हँसी के कुछ आँखों की नमी के

कुछ रंग बचपन के कुछ किस्से ज़िंदगी के


न तारीख़ों का हिसाब न सालों की गिनती है

बस दिल को जो छू गए उन्हीं की बस्ती है


जब भी तन्हा दिल गुज़रे कल को बुलाता है

यादों का कोई पन्ना खुदबखुद खुल जाता है

Saturday, June 13, 2026

Impromptu

 


आज ज़िंदाबाद है

कल का धन्यवाद है

खुशियों की सौगात है

चिंता की क्या बात है


Thursday, June 11, 2026

ठक ठक

 


ये ठक ठक नहीं ये दस्तक है

मेरे  ज़िन्दा होने की हरकत है


सोचा आज फिर ख़बर ले ली जाए

अपनों को अपनी ख़बर दे दी जाए


बस इतना बताने चला आया हूँ

की आज भी तुम्हें याद कर पाया हूँ


कभी तुम भी यूं ही दस्तक दे जाना

रिश्तों को यूं ही फिर जिंदा कर जाना

Thursday, June 4, 2026

Impromptu

 Two couplets with different thoughts


तेरे वादे पे एतबार किया

अच्छा किया कि इंतजार किया 


Second thought 


तेरे वादे पे क्यों एतबार किया

दिल को क्यों फिर शर्मसार किया

दो दो चांद

 इक रात में दो दो चांद खिले वल्लाह क्या नज़ारा था

इक दूर आसमां में थे इक पास में बैठा हमारा था

Another thought 


इक रात में दो-दो चाँद खिले अजब सा नूर बरसा था

एक चाँद आसमां पे था और एक रूबरू बैठा था


Another thought 

चाँद ने चाँद को देखा तो रात का रंग निखर गया

एक नूर आसमान में था एक दिल में उतर गया

Impromptu