Friday, May 22, 2026

जज़्बात के हालात


जज़्बात के हैं ये हालात कि कोई मुलाक़ात नहीं है

हर किसी में है कुछ बात पर कोई बात नहीं है


स्टेटस से खबर मिलती है फुर्सत नहीं मिलती

इनटच सभी है पर कोई साथ नहीं है


रिश्तों को भी अब वक़्त की मंजूरी चाहिए

बेवजह मिलने की वो सौगात नहीं है


कभी मजबूरियां कहीं जिम्मेदारियां हैं किसीकी 

शिकवा किसी से नहीं बस पहले जैसी बात नहीं है

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