Friday, May 10, 2024

फूलों का कत्ल



पत्थर को मानने के लिए

फूलों का कत्ल कर आए

शाखों पे  तो मुस्करा रहे थे

टूट कर शायद कराह रहे थे

आस्था या रिवायत कोई तो समझाए

पत्थर भी नहीं हिला फूल भी मुरझाए

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