Wednesday, September 18, 2019

ए खुदा....


ए खुदा मुझ  पर रहम  कर
मेरी ख्वाइशों को कुछ कम कर

चाहत तो है कि उड़ूँ  परिन्दो से परों पर
तूने इंसां बनाया है शायद कुछ सोच कर

रहने दे मुझे ज़मीं पे  पैर मिट्टी  से जुड़े हैं 
वो भी तो ज़मीं  पे गिरे हैं जो ऊपर उड़े हैं






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