कल रात वो मुझे इतने याद आये,
करवटें बदलते रहे हम सो न पाए।
जब कोशिश की तुझे न याद करने की,
सपनों में तेरा आना हम न रोक पाए।
तुम सपनो में आये,तुम ख्यालों में आये,
काश कुछ ऐसा हो जाए.......
ये रात ही खत्म न होने पाए.
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Sunday, February 7, 2010
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ReplyDelete"khani khamba"
tho chora 'kavi' bn rha hai.
ReplyDeletegood try.
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